मेरे पास एक दुकान है, जिस पर एक ग्राहक आया और मुझ से कोई चीज़ खरीदा और एक निर्धारित समय तक के लिए मेरे पास अपनी घड़ी छोड़ दी, वह समय आ गया, किन्तु वह मेरे पास नहीं आया, मुझे घड़ी की आवश्यकता हुई और मैं ने उसे पहन ली, तो क्या इस बारे में मेरे ऊपर कोई गुनाह है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और स्तुति अल्लाह के
लिए योग्य है।

“आप के ऊपर अनिवार्य यह है कि आप धैर्य
से काम लें यहाँ तक कि घड़ी का मालिक आये और आप के हक़ का भुगतान करे। अगर आप के लिए
ऐसा करना कठिन है और आप धैर्य करने पर सन्तुष्ट नहीं हैं, तो आप उस घड़ी को बाज़ार में
नीलामी में अधिक से अधिक मूल्य पर बेच दें, फिर उस से अपना हक़ ले लें और शेष राशि को
उस के मालिक के लिए सुरक्षित रखें, अगर वह किसी दिन वापस आये तो उसे उस का अधिकार दे
दें, और अगर लंबा समय बीत जाये और आप को उस का पता न चल सके और आप उस का अधिकार उस
के पास भेजने में भी असमर्थ हों, तो ऐरी स्थिति में उस के मालिक की तरफ से नीयत करके
उसे किसी गरीब पर दान कर दें। इस विषय में यही शरई तरीक़ा है।”

 

समाहतुश्शैख अब्दुल अज़ीज़ बिन बाज़ रहिमहुल्लाह