रमज़ान के महीने में एक दिन मेरे रोज़े के दौरान यह मामला घटित हुआ कि मैं ने हस्तमैथुन करके वीर्य पात कर लिया। फिर मैं ने एक पत्रिका के अन्दर इस्लामी प्रश्नों के एक उत्तर में पढ़ा कि हस्तमैथुन से रोज़ा बातिल (अमान्य) हो जाता है, किन्तु इस में कफ्फारा (एक गुलाम आज़ाद करने या साठ गरीबों को खाना खिलाने) की ज़रूरत नहीं पड़ती है। तो क्या यह सही बात है ?
मेरा दूसरा प्रश्न यह है कि मैं ने उस समय खाना खा लिया ; क्योंकि मैं ने यह समझा कि मेरा रोज़ा फासिद (अमान्य) हो गया। तो क्या मेरा उस दिन रोज़ा तोड़ देना कफ्फारा की अपेक्षा करता है या नहीं ?
अल्लाह तआला इस का उत्तर देने पर आप को बेहतरीन
बदला दे।
उत्तर :
हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए
योग्य है।
इस में कोई संदेह नहीं कि हस्तमैथुन करना अधिकतर
विद्वानों के निकट हराम है, जैसाकि शैखुल इस्लाम इब्ने तैमिय्या रहिमहुल्लाह ने फरमाया
है। यदि ऐसा रमज़ान के महीने में किया जाता है तो वह बहुत अधिक गंभीर हो जाता है। और
यदि हस्तमैथुन के कारण वीर्य पात भी हो जाता है तो इस प्रकार रोज़े की पवित्रता (हुर्मत)
को भंग करना बहुत सख्त गुनाह है। इस आधार पर जिस व्यक्ति ने वीर्य पात किया, उसका रोज़ा
टूट गया और उसके ऊपर अनिवार्य है कि वह अपने उस दिन के बाक़ी हिस्से में खाने पीने से
रूक जाये जिस में उस ने वीर्य पात किया है। तथा इस दानशील महीने की पवित्रता (हुर्मत)
को ध्यान में रखते हुए उसके लिए खाना पीना जाइज़ नहीं है। इसलिए आप के ऊपर, अपने रोज़े
को जानबूझकर वीर्य पात करके फासिद कर देने के कारण, तौबा करना अनिवार्य है। इसी प्रकार
आप के ऊपर इस कारण भी तौबा करना अनिवार्य है कि आप ने दिन के बाक़ी हिस्से में खाने
पीने से परहेज़ नहीं किया है और एक दूसरी रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ का सेवन करके रोज़े
की हुर्मत (पवित्रता) को भंग किया है और वह भोजन करना है। तथा आप ने जो रोज़ा खराब
कर दिया है उसके बदले आप के ऊपर एक दिन की क़ज़ा अनिवार्य है। तथा आप अधिक से अधिक नेकियाँ
करें और नफ्ल (ऐच्छिक) रोज़ें रखें ; क्योंकि नेकियाँ गुनाहों को मिटा देती हैं। और
अल्लाह तआला बहुत क्षमा करने वाला अत्यंत दयावान है।
इस्लाम प्रश्न और उत्तर
