क्या एक आदमी की ज़कातुल फित्र को बाँटना जाइज़ नहीं है बल्कि उसे किसी एक ही व्यक्ति को दिया जायेगा ?

हर प्रकार की
प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।

एक आदमी की ज़कातुल
फित्र को एक ही आदमी को देना जाइज़ है, इसी प्रकार उसे कई व्यक्तियों पर बाँटना भी
जाइज़ है।

और अल्लाह तआला
ही तौफीक़ प्रदान करने वाला (शक्ति का स्रोत) है।