प्रश्न : मुझे धूल के प्रति एलर्जी है जिसके कारण मुझे निरंतर छींक आती है (शायद लगातार 60 छींकें)। डाक्टर ने मेरे लिए दवा के तौर पर स्प्रे निर्धारित किया है जो 0.25% शराब पर आधारित है। मैं इस दवा को केवल आपात स्थिति में इस्तेमाल करता हूँ, लेकिन मैं नहीं जानता कि क्या यह दवा इस्तेमाल करना मेरे लिए जायज़ है या नहीं? तथा इसे विशेष रूप् से रमज़ान के महीने में इस्तेमाल करने का क्या हुक्म है?

उत्तर :

हर प्रकार
की प्रशंसा और
गुणगान केवल अल्लाह
के लिए योग्य है।

सर्व प्रथम
:

हम अल्लाह
तआला से प्रश्न
करते हैं कि आपको
आरोग्य करे और
कुशल मंगल रखे।
तथा हम आपको सूचित
करते हैं कि उस
अनुपात में शराब
पर आधारित इस दवा
के प्रयोग करने
में कोई हरज (आपत्ति) नहीं है, और यह एक मामूली
अपुनात है जो दवा
में समाप्त हो
जाती है जिसका
कोई प्रभाव प्रकट
नहीं होता है।
इसलिए उसपर निषेध
का हुक्म नहीं
लगेगा।

हम ने इस बारे
में विद्वानों
के फतावे उद्धृत
किए हैं। अतः प्रश्न
संख्या (146013) और (111851) के
उत्तर देखें।

दूसरा :

एलर्जी के
कारण स्प्रे (पफर)
का प्रयोग करने
से, सही मत
(विचार) के अनुसार
रोज़ा नहीं टूटता
है ; चाहे उसे नाक
के माध्यम से प्रयोग
किया जाए या मुँह
के माध्यम से ; क्योंकि
वह भाप बन जाता
है और उसका कोई
शरीर नहीं होता
है जो पेट में प्रवेश
करे।

शैख मुहम्मद
बिन सालेह उसैमीन
– रहिमहुल्लाह
– से प्रश्न किया
गया :

‘‘मैं अपनी नाक
में एलर्जी की
बीमारी महसूस करता
हूँ और उसके लिए
इलाज के तौर
पर नाक का स्प्रे
इस्तेमाल करता
हूँ। यदि मैं इसे
इस्तेमाल न करूँ
तो साँस की परेशानी
की वजह से मुझे
बहुत कष्ट का सामना
करना पड़ता है।
मैं तीन घंटे से
अधिक दवा का इस्तेमाल
किए बिना नहीं
रह सकता। अगर मैं
इसे इस्तेमाल न
करूँ तो मुझे साँस
लेने में बहुत
कठिनाई हो जाती
है। जटिल समस्या
रमज़ान का आगमन
है क्योंकि मैं
उसे इस्तेमाल करता
हूँ तो मुझे डर
होता है कि वह मेरे
रोज़े को छति (हानि)
पहुँचायेगा। और
यदि मैं उसे छोड़
दूँ तो मैं इसकी
ताक़त नहीं रखता
हूँ। ज्ञात रहे
कि मैं रमज़ान के
कुछ दिनों में
इसे इस्तेमाल किया
करता था लेकिन
मैं इस बहुत के
प्रति बहुत उत्सुक
होता था कि वह मेरे
गले तक न पहुँचने
पाए, तो इसका
क्या हुक्म है? और इसके
इस्तेमाल करने
का क्या हुक्म
है? अल्लाह
तआला आपको उस चीज़
की तौफीक़ दे जिसमें
भलाई और कल्याण
है।

तो उन्हों
ने उत्तर दिया
:

हम अल्लाह
तआला से आपके लिए
स्वास्थ्य और कुशलता
का प्रश्न करते
हैं, और आपके
प्रश्न का उत्तर
यह है कि : यह स्प्रे
(पफर या इनहेलर)
जिसे आप इस्तेमाल
करते हैं वह मात्र
गैस के समान एक
चीज़ है क्योंकि
वह भाप बन जाता
है और उसमें से
कोई चीज़ पेट तक
नहीं पहुँचती है।
ऐसी स्थिति में
हम कहेंगे कि : आपके
लिए रोज़े की हालत
इस स्प्रे को इस्तेमाल
करने में कोई आपत्ति
नहीं है और इससे
आप का रोज़ा नहीं
टूटेगा ; क्योंकि
– जैसा कि हम कह चुके
हैं – उसका कोई भी
भाग पेट तक नहीं
पहुँचता है, क्योंकि
वह उड़कर भाप बन
जाता है और समाप्त
हो जाता है, और उसका कोई कण
पेट तक नहीं पहुँचता
है कि हम कहें कि
यह उन चीज़ों में
से है जिनसे रोज़ा
टूट जाता है। अतः
आपके लिए रोज़े
की हालत में उसे
इस्तेमाल करना
जायज़ है।

”फतावा नूरून
अला अद-दर्ब” (कैसिट
संख्या 44)

मुँह के माध्यम
से अस्थमा का इनहेलर
इस्तेमाल करने
से रोज़ा न टूटने
के बारे में विद्वानों
के फत्वे प्रश्न
संख्या (37650) के उत्तर
में देखिए। तथा
शैख अब्दुल अज़ीज़
बिन बाज़ रहिमहुल्लाह
ने भी नाक का स्प्रे
इस्तेमाल करने
के बारे में यही
फत्वा दिया है,
जैसाकि हम ने प्रश्न
संख्या (106494) के उत्तर
में उनसे उद्धृत
किया है।

और अल्लाह
तआला ही सबसे अधिक
ज्ञान रखता है।