यदि कोई व्यक्ति नर्सरी से किसी बच्चे को गोद लेने की मांग करता है तो क्या ज़िम्मेदारों के लिए जाइज़ है कि उसे जो वह चाहता है प्रदान कर दें ?

हर प्रकार
की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

बच्चों
को गोद लेने के दो प्रकार हैं : एक निषिद्ध और दूसरा अनिषिद्ध (वैध)।

निषिद्ध
प्रकार : यह है कि बच्चे को इस तरह गोद लिया जाये कि वह गोद लेने वाले का बच्चा (पुत्र)
है, उसके लिए पुत्र के अहकाम (प्रावधान) लागू हैं, तो यह
जाइज़ नहीं है, इसे अल्लाह तआला ने अपने
इस कथन में बातिल (व्यर्थ) ठहराया है :

 ]وَمَا جَعَلَ أَدْعِيَاءَكُمْ
أَبْنَاءَكُمْ[ [سورة الأحزاب : 4)

“और उसने तुम्हारे मुँह बोले बच्चों को तुम्हारे बेटे नहीं बनाये
हैं।” (सूरतुल अहज़ाब: 4)

दूसरा
प्रकार : वैध है और वह ऐच्छिक भी हो सकता है, और वह बच्चे के साथ एहसान करना, उसकी
नेक धीर्मिक पालन पोषन और प्रशिक्षण करना, और उसका
उचित निर्देशन करना, तथा उसे ऐसी शिक्षा दिलाना
जो उसके लिए उसके दीन और दुनिया में लाभदायक हो। किंतु केवल उसी व्यक्ति को देना जाइज़
है जो अमानतदारी, धर्मनिष्ठता, सद्व्यवहार के साथ जाना जाता हो और उसके पास बच्चे के
हित की पूर्ति होती हो, तथा वह उसी देश का हो
ताकि उसे किसी ऐसे देश में लेकर न जाये जहाँ उसकी उपस्थिति भविष्य में उसके धर्म के
विनाश का कारण बन सकती हो। इस आधार पर जब प्रत्येक के अंदर यह उपर्युक्त शर्तें पूरी
हो जायें, तो अज्ञात वंश बच्चे को, उसके हवाले करने में कोई बात नहीं है। अल्लाह तुम्हारी
रक्षा करे।