मैं इस बारे में पूछना चाहता हूँ कि हम जानते हैं कि रमज़ान के महीने में शैतान जकड़ दिये जाते हैं, उनसे अल्लाह की पनाह . . . इसी तरह मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या जादूगर – उन पर अल्लाह का शाप हो – इस प्रतिष्ठित महीने में कार्य करते हैं।
हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह
के लिए योग्य है।
जी हाँ, कभी कभी रमज़ान के महीने में शैतान मनुष्य
के दिल में वस्वसा डालता है, तथा जादूगर कभी कभार रमज़ान में काम करता है, लेकिन इसमें
कोई शक नहीं कि यह रमज़ान के अलावा महीनों से कम होता है।
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से प्रमाणित है
कि आप ने फरमाया :
“
जब रमज़ान आता है तो स्वर्ग
के द्वार खोल दिए जाते है, नरक के द्वार बंद कर दिए जाते है और शैतानों को ज़ंजीरों
में जकड़ दिया जाता है।” इसे बुखारी (हदीस संख्या
: 3277) और मुस्लिम (हदीस संख्या : 1079) ने रिवायत किया है। और नसाई (हदीस संख्या
: 210) में है कि :
“और उसमें विद्रोही शैतानों
को जकड़ दिया जाता है।”
परंतु इसका मतलब यह नहीं होता है कि शैतान का
प्रभाव बिल्कुल समाप्त हो जाता है, बल्कि यह इस बात को इंगित करता है कि वे रमज़ान में
कमज़ोर पड़ जाते हैं और उसमें उस चीज के करने पर सक्षम नहीं होते हैं जिस पर वे रमज़ान
के अलावा में सक्षम होते हैं।
और इस बात की भी संभावना है कि जिन्हें जकड़
दिया जाता है वे विद्रोही शैतान होते हैं, सब के सब नहीं।
अल्लामा क़ुर्तुबी फरमाते हैं : यदि कोई आपत्ति
व्यक्त करे कि : हम देखते हैं कि रमज़ान में बुराईयाँ और पाप बहुत अधिक होते हैं, यदि
शैतानों को ज़ंजीरों में जकड़ दिया गया होता तो ऐसा नहीं होता
ॽ
तो इसका उत्तर यह है कि : ये मात्र उन रोज़ेदारों
से कम हो जाती हैं जो रोज़े की शर्तों का पालन करते हैं और उसके श्ष्टिाचार का ध्यान
रखते हैं।
या यह कि कुछ शैतानों को जकड़ दिया जाता है और
वे विद्रोही शैतान हैं सभी शैतानों को नहीं जकड़ा जाता है, जैसाकि कुछ रिवायतों में
यह बात गुज़र चुकी है।
या इस हदीस से अभिप्राय इस महीने में बुराईयों
का कम होना है, और यह चीज़ अनुभव की जाती है,
क्योंकि इस महीने में
बुराई अन्य महीनों से कम होती है,
क्योंकि सभी शैतानों के जकड़ दिये जाने से यह
आवश्यक नहीं हो जाता है कि अब कोई बुराई या पाप घटित नहीं होगा, इसलिए कि इसके शैतानों
के अलावा भी कारण होते हैं,
जैसे- बुरी आत्मायें, बुरी आदतें और मनुष्यों
में से शैतान लोग।” (फत्हुल बारी से समाप्त
हुआ).
