अगर मैं अपने कपड़े बदलूँ, तो क्या उसकी वजह से मेरा वुज़ू टूट जाएगा? तथा इस प्रावधान में क्या पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई अंतर है?

वुज़ू तोड़नेवाली चीज़ें
निम्नलिखित हैं :

1. सबीलैन अर्थात आगे
और पीछे के रास्ते से बाहर निकलने वाला (मूत्र,

मल,
हवा आदि) परंतु महिला की योनि से हवा निकलने से वुज़ू
नहीं टूटता।

2. मूत्र और मल का उनके
निकलने के रास्तों के अलावा से बाहर निकलना।

3. बुद्धि का चला जाना।
या तो वह पूरी तरह चली जाए, 
और वह पागलपन की वजह से निर्बुद्धि होना है। अथवा किसी
कारण जैसे बेहोशी,
नींद,
नशा और इसी तरह की अन्य चीज़ों से एक निश्चित अवधि के
लिए बुद्धि का ढाँप लिया जाना।

4. लिंग को छूना,
क्योंकि बुस्रा बिन्त सफवान की हदीस है कि उन्हों ने
अल्लाह के पैग़ंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को फरमाते हुए सुना : (जिसने अपने लिंग
को स्पर्श किया उसे वुज़ू करना चाहिए।) इसे अबू दाऊद (पवित्रता / 154) ने रिवायत किया
है और अल्बानी ने सहीह सुनन अबू दाऊद (हदीस संख्याः 166) में सहीह कहा है।

5. ऊँट का मांस खाना,
क्योंकि जाबिर बिन समुरह की हदीस है कि एक आदमी ने पैगंबर
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा : (क्या हम ऊँट का मांस खाने से वुज़ू करें? आप ने कहा : हाँ।) इसे मुस्लिम (मासिक धर्म / 539) ने रिवायत किया है।

इस बात पर चेतावनी देना
उचित है कि महिला के शरीर को छूने से वुज़ू नहीं टूटता,
चाहे वह कामुकता के साथ हो या बिना कामुकता के,
सिवाय इसके कि इस स्पर्श की वजह से कोई चीज़ (अर्थात
वीर्य वग़ैरह) निकल आए।

तथा देखें : शैख इब्न
उसैमीन की किताब ‘‘अश-शर्हुल मुम्ते 1/219-250’’.

और ‘‘फतावा स्थायी समिति
5/264’’.