कभी-कभी मैं रमजान में दिन के दौरान थकान और सिर दर्द महसूस करता हूँ। कुछ लोगों ने मुझे सिरदर्द की गंभीरता को कम करने के लिए सपोसिटरी (दवा की बत्ती) का इस्तेमाल करने की सलाह दी। क्या यह इलाज (दवा) रोज़ा तोड़ देता है या नहींॽ कृपया मुझे अवगत कराएं, अल्लाह तआला आप को पुरस्कृत करे।
हर
प्रकार की
प्रशंसा और
गुणगान केवल
अल्लाह के लिए
योग्य है।
रमजान
में दिन के दौरान
सपोजिटरी
(दवा की बत्ती) का उपयोग
रोज़ा को
अमान्य नहीं करता
है,
इसी
तरह यदि रोज़ा
रखनेवाले व्यक्ति
को एनीमा की जरूरत
पड़ जाती है,
तो वह (भी) रोज़ा
को अमान्य नहीं
करता है,
क्योंकि इसका कोई
सबूत नहीं है कि
यह रोज़ा
तोड़नेवाली
चीजों में से है,
और क्योंकि यह
भोजन या पेय नहीं
है और न तो यह
भोजन और पेय के
अर्थ ही में
है।
शैख़ुल
इस्लाम इब्न तैमिय्या
‘‘अल-इख्तियारात’’
पृष्ठः 193 में कहते
हैं
:
‘‘सुर्मा
और इंजेक्शन (अर्थात्
एनीमा) के
उपयोग से
रोज़ा नहीं
टूटता (अमान्य
नहीं होता) . . . यह
कुछ विद्वानों
का विचार है।’’
शैख
इब्न उसैमीन
रहिमहुल्लाह ‘‘अश-शर्ह
अल-मुम्ते’’ (6/381) में
कहते हैं
:
इस मामले
के संबंध में सबसे
सही कथन
(विचार) शैख़ुल
इस्लाम इब्न तैमिय्या
रहिमहुल्लाह
का है। अंत। यानी
यह कि एनीमा रोज़ा
को अमान्य नहीं
करता है।
और
अल्लाह तआला
ही सबसे अधिक
ज्ञान रखता
है।
