क्या क़ुर्बानी के जानवर में साझी होना जाइज़ है, तथा क़ुर्बानी के जानवर में मुसलमानों की कितनी संख्या साझी हो सकती है ?
हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।
क़ुर्बानी का जानवर अगर ऊँट या गाय में से है तो उस में
साझेदारी जाइज़ है, किन्तु बकरी में साझा जाइज़ नहीं है।
एक गाय या ऊँट में सात लोग साझी हो सकते हैं।
सहाबा रज़ियल्लाहु अन्हुम का हज्ज व उम्रा में हदी (हज्ज की
क़ुर्बानी का जानवर) में एक ऊँट या एक गाय में सात लोगों का साझी होना प्रमाणित है।
इमाम मुस्लिम (हदीस संख्या : 1318) ने जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हुमा से रिवायत किया है कि उन्हों ने
कहा : “हम ने हुदैबिय्या के साल अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के
साथ ऊँट की सात लोगों की तरफ से, तथा गाय की सात लोगों की तरफ से क़ुर्बानी की।”
और एक रिवायत में : जाबरि बिन अब्दुल्लाह से ही रिवायत है
कि उन्हों ने कहा : हम ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ हज्ज
किया तो ऊँट की सात लोगों की तरफ से और गाय की सात लोगों की तरफ से क़ुर्बानी
की।”
तथा अबू दाऊद (हदीस संख्या : 2808) ने जाबिर बिन अब्दुल्लाह
रज़ियल्लाहु अन्हु से ही रिवायत किया है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया
: “गाय सात लोगों की तरफ से है, और ऊँट सात लोगों की तरफ से है।” इसे
अल्बानी ने सहीह अबू दाऊद में सहीह कहा है।
इमाम नववी “शरह मुस्लिम” में फरमाते हैं :
“इन हदीसों में इस बात पर तर्क मौजूद है कि हदी (हज्ज
की क़ुर्बानी के जानवर) में साझा जाइज़ है, तथा इस बात पर सब की सहमति है कि बकरी
में साझा जाइज़ नहीं है। तथा इन हदीसों से ज्ञात हुआ कि ऊँट सात लोगों की तरफ से,
तथा गाय भी सात लोगों की तरफ से काफी है, और उन में से हर एक सात बकरियों के बराबर
है, यहाँ तक कि अगर मोहरिम पर शिकार के बदले के अलावा सात दम (क़ुर्बानी) अनिवार्य
हो, और वह एक ऊँट या गाय की क़ुर्बानी कर दे तो यह सब की तरफ से काफी हो
जायेगा।” (संछेप के साथ समाप्त हुआ।)
तथा इफ्ता की स्थायी समिति से क़ुर्बानी के जानवर में
साझेदारी के बारे में प्रश्न किया गया, तो उस ने उत्तर दिया :
“ऊँट और गाय सात लोगों की तरफ से काफी है, चाहे वे लोग
एक ही घर के सदस्य हों या विभिन्न घरों के हों, और चाहें उन के बीच कोई नातेदारी
हो या न हो ; क्योंकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने सहाबा रज़ियल्लाहु अन्हुम को
ऊँट और गाय में से हर एक में सात लोगों को साझी होने की अनुमति प्रदान की, और इस
के विस्तार का उल्लेख नहीं किया।” (फतावा अल्लज्ना अद्दाईमा 11/401)
तथा शैख इब्ने उसैमीन रहिमहुल्लाह ने “अहकामुल
उज़हिया”
में फरमाते हैं :
“एक बकरी एक आदमी की तरफ से काफी है, और ऊँट या गाय का
सातवाँ भाग उस चीज़ की तरफ से काफी है जिस की तरफ से एक बकरी काफी होती है।”
(इब्ने उसैमीन की बात समाप्त हुई।)
