क्या रमज़ान के महीने के प्रवेश करने की बधाई देना जाइज़ है या कि इसे बिद्अत (अवैध) समझा जायेगा ?
हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के
लिए योग्य है।
रमज़ान के महीने के प्रवेश करने की बधाई देने
में कुछ भी गलत नहीं है। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपने सहाबा (साथियों) को रमज़ान
के महीने के आगमन की शुभ सूचना देते थे, और उन्हें इसका ध्यान रखने पर उभारते थे। चुनांचि
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित हैं कि उन्हों ने कहा : अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु
अलैहि व सल्लम ने फरमाया :
“तुम्हारे पास एक मुबारक (शुभ) महीना
रमज़ान आया है, जिसके रोज़े को अल्लाह तआला ने तुम्हारे ऊपर अनिवार्य कर दिया
है, जिसमें आकाश के द्वार खोल दिए जाते हैं और नरक के द्वार बन्द
कर दिए जाते हैं, और अड़ियल और विद्रोही शैतानों को जकड़ दिया जाता है। उसमें एक
रात ऐसी है जो एक हज़ार महीने से बेहतर है। जो व्यक्ति उसकी भलाई से वंचित कर दिया
गया तो वह वास्तव में महरूम (वंचित और अभागा) आदमी है।” इस हदीस को इमाम नसाई (4/129) ने रिवायत किया है, और यह हदीस “सहीह
तरगीब” (1/490) में उल्लिखित है।
“रोज़े से संबंधित सत्तर मसाइल”
नामी पत्रिका।
